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Saturday, May 24, 2014

यूपी के 80 सांसद

(साभार- अमर उजाला, 17 मई, 2014)



फलक पर नमो


नमो की जीत और उनकी फलक तक पहुंचने की कहानी।















     

(साभार- अमर उजाला, 17 मई, 2014)

ऐसे होती है वोटों की गिनती

(साभार- अमर उजाला, 16 मई, 2014)

मानोनीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्ष्य

मानोनीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से लोकसभा चुनाव के दौरान अमर उजाला को दिया इंटरव्यू।

(साभार- अमर उजाला, 11 मई 2014)

Friday, May 23, 2014

लोकसभा चुनाव में 464 पार्टियां, 8251 उम्मीदवार

वर्ष 2009 के मुकाबले इस बार के लोकसभा चुनाव में 101 अधिक राजनीतिक दलों ने भाग लिया और कुल 8251 उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतरे जो पिछले चुनाव से 181 अधिक हैं। पिछले बार 7,16,98,510 मतदाता थे तो इस बार 83,41,01,479 मतदाता थे। इस बार 6 राष्ट्रीय दल 39 राज्य स्तरीय दल तथा 419 गैर मान्यता प्राप्त दल थे जबकि पिछली बार 7 राष्ट्रीय दल 34 राज्य स्तरीय दल तथा 332 गैर मान्यता प्राप्त दल थे। आम चुनाव 2014 से पहले देश में कुल 1687 पंजीकृत दल थे जिनमें 6 राष्ट्रीय दलों के अलावा 47 राज्य स्तरीय दल तथा 1634 गैर मान्यता प्राप्त दल शामिल थे। 2009 में पंजीकृत दलों की कुल संख्या 1060 थी। 1952 में 1874 उम्मीदवारों ने 489 सीटों के लिए चुनाव लड़ा था जो धीरे-धीरे 1996 में 13,952 हो गए। 1998 में 4750, 1999 में 4648, 2004 में 5435 उम्मीदवार मैदान में थे जो 2009 में बढ़कर 8070 हो गए। पिछले चुनाव में 41,72,36,311 मतदाताओं ने मतदान किया तो इस बार 55,38,01,801 मतदाताओं ने वोट डाले।

Thursday, March 13, 2014

सहबों को भा रही सियासत

राजनीति में इन दिनों नौकरशाहों और अफसरों की दिलचस्पी कुछ ज्यादा हो गई है। इस पर हमने भी लेखनी चलार्इ....


Thursday, November 28, 2013

छत्तीसगढ़ में चुनाव दिल्ली में तेजी

छत्तीसगढ़ में 67 फीसदी हुआ मतदान। दिल्ली में कांग्रेस के कंडीडेट की सूची जारी।


 (साभार- अमर उजाला- 12, 15 नवंबर, 2013 )




दिल्ली में भाजपा की पहली सूची

आखिर दिल्ली में भाजपा ने अपनी पहली सूची जारी कर दी। कई दलों ने अन्य इलाकों से अपने-अपने दलों की उम्मीदवार घोषित कर दिए।




(साभार- अमर उजाला- 7,14 नवंबर, 2013 )

चुनावी समर: बजा बिगुल

चार अक्तूबर को पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव का बिगुल बज गया था। पहले राज्य के रूप में छत्तीसगढ़ में चुनाव हो भी गए। आदिवासी बहुल इस राज्य में नक्सलियों की धमकी के बावजूद करीब 75 फीसदी वोट डाले गए। यहां बैलेट ने बुलेट को मुंहतोड़ जवाब दिया। सिविकसेंस ब्लॉग भी इस राज्य के बाशिदों को सलाम करता है। एक बड़ी विजय हसिल कर ली गई है। मध्यप्रदेश और मिजोरम में भी चुनाव चुके हैं। अब चार दिसंबर को दिल्ली में मतदान होगा। इसके लोकसभा चुनाव-2014 भी दस्तक दे देगा। खास बात यह कि इस बार बतौर मतदाता कानून ने हमें ज्यादा अधिकार दिए हैं। हमें वोट के अधिकार के प्रति काफी जागरूक होने की जरूरत है। सिविकसेंस न केवल वोट की अहमियत पर चर्चा कर रहा है बल्कि चुनावी गतिविधियों पर नजर भी रखेगा। आप सब भी अपने-अपने स्तर से इस महायज्ञ में आहुति डाल सकते हैं जिससे कि दूसरे को मदद मिल सके। इस साल चार अक्तूबर से शुरू हुई इस चुनावी यात्रा का अवलोकन करते हुए हम आगे वोट और इसकी ताकत पर चर्चा करते रहेंगे।



(साभार- अमर उजाला- 5 नवंबर, 2013)